छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी के अटल बिहारी वाजपेयी स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज में एल्युमिनी टाॅक का आयोजन किया गया। आयोजन में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र तथा वरिष्ठ अधिवक्ता रजत दुबे को मुख्य वक्ता के तौर पर आमंत्रित किया गया। आयोजन के सभागार में उपस्धित छात्र शिक्षक और विधि पेशेवर समुदाय को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि वर्तमान में
सामाजिक और राजनीतिक अस्थिरता का दौर है। नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका, यूक्रेन, रशिया, फ्रांस इत्यादि देशों के उदाहरण सामने हैं। इन मामलों को आप कैसे समझ सकेंगे जब आपको गुणवत्तापूर्ण पाठ्य सामग्री और जानकारी मिल सकेगी। कानून के विद्यार्थियों को उसे समझने के लिए प्रयास करना चाहिए। अच्छी और गुणवत्तापूर्ण परिचर्चा सुननी चाहिए और उसमें भाग लेना चाहिए। अपने छात्र जीवन का संस्मरण बताते हुए उन्होने कहा कि जब हम लोग तैयारी करते थे तब राज्यसभा टीवी पर बहुत अच्छी परिचर्चाएं प्रसारित होती थीं उनसे बहुत कुछ सीखने को मिलता था। आज के समय मे तमाम चैनलों के होने के बावजूद गुणवत्तापूर्ण जानकारी मिल पाना आसान नही रहा। विश्वविद्यालय में अटल बिहारी वाजपेयी स्कूल ऑफ लीगल स्टडीज जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क विधि सहायता उपलब्ध कराने के लिए लीगल एड क्लीनिक का भी संचालन करता है। विश्वविद्यालय के लीगल एड क्लीनिक की कोऑर्डिनेटर और वरिष्ठ प्राध्यापक मयूरी सिंह ने कहा कि यदि हम सजग रहें तो जीवन के हर क्षेत्र में हमें सीखने को मिलता है। कानून का विस्तार जीवन के हर क्षेत्र में है। चाहे इंजीनियरिंग हो सांस हो या सामाजिक व्यवस्था कानून जीवन के हर क्षेत्र का अभिन्न अंग है। कानून सबके लिए जरंरी है। उन्होने बताया कि हमारे विश्वविद्यालय के लाॅ डिपार्टमेंट के छात्रों को लोक अदालत और लीगल एड क्लीनिक के माध्यम से गांवों से जोडने का प्रयास किया जा रहा है। हमने शिवली के पास एक गांव को लिटिगेशन फ्री विलेज बनाने का प्रयास शुरू किया है।
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